हस्तमैथुन के फायदे और नुकसान

हस्तमैथुन – वर्षों से विवाद का विषय रहा है। समय, राष्ट्र, धर्म और पालन-पोषण के आधार पर, इस प्रक्रिया के बारे में लोगों की राय बहुत विरोधाभासी रही है। पर फिर भी लोग हस्तमैथुन करते हैं। पुरुष, महिलाएं और यहां तक कि बच्चे भी। हम तटस्थ भाव से इस लेख में देखेंगे कि यह अच्छा है या बुरा। नीचे हम हस्तमैथुन के बारे में कुछ लोकप्रिय कथन दे रहे हैं जो सच्चे हैं और बहुत सच्चे भी नहीं।

हस्तमैथुन के बारे में सच और गलत

हस्तमैथुन बांझपन का कारण बनता है। यह एक झूठ है। बेशक, अगर आप खुद को ऐसी स्थिति में न पहुँचा दें कि संभोग कर ही न पाएँ। हस्तमैथुन से गर्भधारण के लिए कोई अन्य परिणाम नहीं हैं। महिलाओं के लिए एकमात्र प्रतिबंध होता है गर्भावस्था के पहली तिमाही के उन दिनों में, जब उन्हें आम तौर पर मासिक धर्म होता था। कामोन्माद से गर्भाशय में संकुचन होता है जो गर्भपात का कारण बन सकता है।

पुरुषों में हस्तमैथुन से इरेक्शन (लिंग के खड़े होने) की समस्या हो सकती है और यह कामेच्छा भी कम करता है। यह झूठ है। हस्तमैथुन और स्तंभन दोष में किसी तरह के संबंध का कोई सबूत नहीं है। बल्कि अकेले होने पर, आप अपने शरीर को बेहतर ढंग से जान पाएँगे और समझेंगे उसे क्या पसंद आता है। हालांकि, अक्सर हस्तमैथुन करने से, यौन उत्तेजना के लिए संवेदनशीलता बदल सकती है: आपका लिंग कुछ खास गतिविधियों का आदि हो जाता है और महिला साथिन के शरीर से आपको वांछित प्रभाव नहीं मिल पाता।

हस्तमैथुन जननांगों को चोट पहुंचाता है। यह सच है। यदि आप सावधान नहीं हैं तो चोट पहुँच सकती है। चोट, खरोंच और फुंसी हो जाना संभव है। यदि आप वयस्क खिलौनों का उपयोग करते हैं और उपयोग के बाद उन्हें धोते नहीं हैं तो इससे संक्रमण की संभावना हो सकती है। साथ ही, अन्य लोगों के सेक्स खिलौनों का उपयोग न करें। गुदा हस्तमैथुन से अधिक गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

हालांकि गुदा कई लोगों के लिए एक संवेदनशील अंग है, लेकिन किसी भी वस्तु को उसमें प्रवेश कराने के यह पूरी तरह से अनुपयुक्त है। असावधान गतिविधियों से आसानी से गुदा में कटना-फटना (फिशर) हो सकता है। लेकिन सबसे बुरी बात है अगर उत्तेजना के लिए उपयोग में लाई जाने वाली वस्तु, पूरी तरह से गुदा में अंदर चली जाए और वहीं अंदर रह जाए। ऐसा होने पर उसे अपने आप निकाल पाना असंभव होता है – आपको डॉक्टर से परामर्श करना पड़ेगा।

हस्तमैथुन से अंधापन हो सकता है। यह झूठ है। यह डर प्यूरीटन नैतिकता के मानदंडों से जुड़ा है, उस समय से, जब हस्तमैथुन के लिए मौत की सज़ा दी जा सकती थी। इसी के साथ यह विचार भी जोड़ा जा सकता है कि हस्तमैथुन से अंधापन होता है, गलत जगहों पर बाल उगते हैं और डिमेंशिया (जड़बुद्धिता) हो सकता है।

हस्तमैथुन से यौन बाध्यता (यौन लत) की शिकायत हो सकती है। यह झूठ है। एक वयस्क व्यक्ति में, अक्सर किया जाने वाला हस्तमैथुन इस बात का सबूत है कि उसके पास नियमित साथी नहीं है, हालांकि यह भी इसका मुख्य कारण नहीं है। ज्यादातर मामलों में, वयस्क इंसान हस्तमैथुन करते हैं क्योंकि उनके पास उस समय करने के लिए कोई और सुखद कार्य नहीं होता। यदि यह आदत आपके जीवन और काम में हस्तक्षेप नहीं करती है, तो इसमें कुछ भी भयंकर नहीं है।

अपने स्थायी यौन साथी की उपस्थिति में हस्तमैथुन करना असंतोष का संकेत है। यह आंशिक रूप से सच है। बेशक, अगर व्यक्ति संभोग के बाद हस्तमैथुन करने के लिए मजबूर है, तो इसका मतलब है उसका साथी उसे संतुष्ट नहीं कर पाया (महिलाओं में यह बात अधिक आम है)। हालांकि, कई लोगों के लिए, सेक्स और हस्तमैथुन मौलिक रूप से अलग-अलग गतिविधियां हैं। यहां तक कि दोनों से होने वाला कामोन्माद भी फर्क होता है। अगर आपको अपना साथी हस्तमैथुन करते हुए मिले, तो नाराज़ मत होइए और घबराइए भी नहीं। यह धोखा नहीं है। हालांकि, इस पर आपको बात करनी चाहिए।

प्राचीन काल में, लोग इसे बहुत आसानी से स्वीकारते थे। कई देशों में (मिस्र, ग्रीस, भारत) हस्तमैथुन को एक सामान्य काम और सेक्स के पूर्ण हिस्से की तरह माना जाता था।

पुरुष और महिला कैसे हस्तमैथुन करते हैं

यौन संतुष्टि प्राप्त करने के लिए, लोग अपने हाथों, किन्हीं कामचलाऊ वस्तुओं और सेक्स संबंधी विशेष खिलौनों का उपयोग करते हैं। कुछ लोग इंटरनेट पर विभिन्न वीडियो देखकर खुद अपने सेक्स संबंधी खिलौने बना लेते हैं।

आमतौर पर, हस्तमैथुन से व्यक्ति अपने शरीर के जननांगों और विभिन्न संवेदनशील अंगों में उत्तेजना पैदा करता है।

पुरुष अपने हाथों से, पानी की धार से या हस्तमैथुन से अपने लिंग को उत्तेजित करते हैं। तंग अधोवस्त्र में चलने से या पुरुष लिंग के शरीर के किसी हिस्से से रगड़ने से भी कामोन्माद हो सकता है। साथ ही, व्यक्ति की वरीयताओं के आधार पर, उँगलियों से स्क्रोटम (अंडकोष), गुदा, प्रोस्टेट, स्तनाग्र और शरीर के किसी भी अन्य भाग को सहलाया जा सकता है।

महिलाएँ, योनि में प्रवेश करके या बिना प्रवेश किए भी हस्तमैथुन कर सकती हैं, जो वे यौन जीवन शुरू होने से पहले अक्सर करती हैं। अधिकतर भग शिश्न को उत्तेजित किया जाता है अंगुलियों की मदद से, पानी की धार से, कंपन से, वैक्यूम से, और किसी भी अन्य वस्तु से, जिनसे संवेदनशील अंगों में रगड़ की जा सके। योनि में प्रवेश के लिए, डिल्डो (कृत्रिम लिंग), विशेष गेंदें, स्पंदनात्मक मालिश करने वाले उपकरण और यहाँ तक कि लंबाकार सब्जियों का उपयोग किया जाता है।

हस्तमैथुन शुरू करने की उम्र निश्चित करना मुश्किल है। यह सभी के लिए भिन्न हो सकती है। अगर आपने 12 साल की उम्र में हस्तमैथुन करना शुरू किया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपका बेटा भी उसी उम्र में शुरू करेगा। माना जाता है कि लगभग 90% पुरुष और लगभग 60% महिलाएं हस्तमैथुन करती हैं, लेकिन इसे जांच पाना संभव नहीं।

हस्तमैथुन के लाभ

1. यौन तनावों से बचने के लिए यह सबसे आसान और सुरक्षित तरीका। इससे कोई गर्भवती नहीं होगा, किसी और के कामोन्माद के लिए आपकी जवाबदेही नहीं होगी। इससे आपको बस आनंद मिलेगा।

2. इससे अपने शरीर को समझने की संभावना मिलती है, यह जानने की कि उसे क्या पसंद आएगा और क्या नहीं।

3. पुरुषों के लिए, यह यौन संभोग का समय बढ़ाने का एक तरीका है। अगर सेक्स से पहले आपको कामोन्माद की अनुभूति हो जाए, तो अगला यौन संभोग सामान्य से अधिक लंबे समय तक चलेगा। यदि आप बाधित संभोग करते हैं तो इस विधि का उपयोग न करें। स्खलन के बाद, शुक्राणु मूत्रमार्ग में और लिंग के मुहाने पर बचे रह सकते हैं।

4. यौन संबंधी सहनशक्ति बढ़ाने की संभावना। यदि आप हस्तमैथुन की प्रक्रिया को लंबे समय तक करें, और उच्चतम आनंद तक पहुँच जाएँ, पर स्खलन होने से रोक लें, तो इससे सेक्स के मामले में खुद को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

5. लिंग का आकार बढ़ाने की संभावना। वैसे, जेल्किंग (लिंग बढ़ाने के लिए की जाने वाली विशेष मालिश), हस्तमैथुन से अलग है, लेकिन उपयोगी मालिश से कामोन्माद पाने से कोई नहीं रोकता। इस तरह के अभ्यासों के लिए स्नेहक का उपयोग ज़रूर कीजिए। सबसे अच्छा विकल्प है – लिंग बढ़ाने वाली XTRA-MAN क्रीम।

6. सेक्स से पहले हस्तमैथुन से महिलाओं को कामोन्माद पाने में मदद मिलती है। यहाँ तक कि एक से अधिक बार।

हस्तमैथुन के नुकसान

हमने यहाँ हस्तमैथुन से संबंधित मुख्य विषयों पर चर्चा की है। ऐसा करना या न करना व्यक्तिगत निर्णय है। मुख्य बात है सावधानियों का पालन करना और अपने शरीर का ख्याल करना।

DR. RAJESH CHOWBEY

Admin, Urologist.

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