पुरुषों को स्त्रियों के स्तन क्यों अच्छे लगते हैं

स्त्री के नर्म, लोचदार और मुलायम स्तनों की ओर जैसे हाथ लपकने लगते हैं। उन्हें छूने और सहलाने का मन चाहता है। उन्हें देखना बहुत सुखकर होता है। सभी जानते हैं कि स्त्री के नग्न स्तनों को देखकर, पुरुषों के निर्णय तर्कहीन होने लगते हैं। पर ऐसा क्यों होता है?

पुरुष इस बारे में कम ही सोचते हैं कि स्त्रियों का यह मोहक अंग उन्हें सम्मोहित क्यों करता है। ऐसा लगता है कि खूबसूरत शरीर विपरीत लिंग के सभी प्रतिनिधियों को पसंद आता है। हालांकि, स्त्री के स्तनों के प्रति प्यार को समझा जा सकता है। आगे हम उन कई कारणों पर विचार करेंगे कि स्त्री के स्तन पुरुषों को क्यों आकर्षित करते हैं।

बचपन की याद

हममें से शायद ही किसी को बच्चे के रूप में खुद की याद होगी, पर उस समय से जुड़े अहसास इंसान की यादों में हमेशा के लिए रह जाते हैं। स्त्री के स्तनों के साथ मातृत्व का अहसास बहुत करीबी से जुड़ा होता है। बच्चे को उनमें अपने भोजन, सुरक्षा और शांति का स्रोत दिखता है। मतलब पुरुष बचपन की यादों के कारण स्त्री के स्तनों की ओर खिंचते हैं? यह सही नहीं है। माँएँ अपने बच्चों को लिंग की परवाह किए बिना स्तनपान कराती हैं, पर बड़ी उम्र में स्त्री का मोहक शरीर सिर्फ़ पुरुषों की कल्पनाओं में ही होता है, स्त्रियों की नहीं। और हाँ, स्त्रियों के स्तनों को अक्सर भोजन के साधन के रूप में नहीं, बल्कि यौन साधन के रूप में ही देखा जाता है। निस्संदेह, अतीत की छाया हमें निर्देशित करती है, पर उसका स्रोत हमें इंसान के बचपन में नहीं, बल्कि मानवता के प्रारंभ में खोजना चाहिए।

बड़े स्तन – जैसे काम के लिए पुकार

प्रकृति ने सभी स्तनधारियों की मादाओं को स्तन ग्रंथियाँ दी हैं, स्त्री, मतलब मानव मादा भी उन्हीं में से एक है। हालांकि, जानवरों में अगर मादा गर्भवती नहीं है या बच्चे को दूध नहीं पिला रही है, तो स्तन ग्रंथियाँ लगभग दिखती ही नहीं हैं। प्राइमेट (मानव वानरों) की मादाओं के स्तन समागम के समय बड़े हो जाते हैं, जिसका मतलब है वे संभोग के लिए तैयार हैं।

बढ़े हुए स्तन – नर वानरों के लिए काम करने की पुकार की तरह हैं। संभव है कि पुरुषों को दूरस्थ पूर्वजों की विरासत मिली हो: स्त्री के स्तनों को देखकर, कुछ करना चाहिए, और जल्दी से जल्दी स्त्री को प्राप्त करना चाहिए। मानव पूरे साल प्रजनन के लिए सक्षम है, इसीलिए समागम के लिए तैयारी के संकेत स्त्रियों में हमेशा के लिए रह गए।

स्तन स्वास्थ्य का संकेत

हमारे दूरस्थ पूर्वज जंगलों से आए थे, वे पैरों पर खड़े हो गए और उनके अधिकतर बाल निकल गए। स्पष्ट है कि इस स्थिति में पूरे शरीर का प्रदर्शन होता है। आधुनिक इंसानों के जनक सुंदर शरीर वाली स्त्रियों को चुनते थे, क्योंकि यह स्त्री के स्वस्थ और परिपक्व होने का संकेत है। समय के साथ लोगों ने कपड़ों से तन को ढंकना शुरू कर दिया, पर जीवन साथी के चुनाव के लिए वही पुरानी परम्पराएँ जारी रहीं।

स्त्री के स्तन द्वितियक यौन विशेषताओं में आते हैं। अगर स्तन देखने में सुंदर और गोलाकार हैं तो इसका मतलब है कि लड़की परिपक्व है। स्पष्ट स्त्रीवत संकेतो की अनुपस्थिति पुरुषों को रुकने का संकेत देती है। इसी तरह स्तनों के आकार से भी पता चलता है कि लड़की स्वस्थ है, अच्छी तरह खाती है और स्वस्थ बच्चों को जन्म दे सकती है। सोचने का यह तरीका अब रूढ़ीवादी माना जाता है। वास्तव में स्तनों के आकार से यह नहीं पता चलता कि स्त्री का स्वास्थ्य बढ़िया है। पर सैंकड़ों सालों से लोगों के दिमाग में बसी इस राय को पलटना मुश्किल है।

पुरुषों को कैसे स्तन पसंद आते हैं

बहुत महिलाओं का मानना है कि पुरुषों को बड़े स्तन पसंद आते हैं। कामुकता और आकर्षण के बारे में आधुनिक विचारों के अनुसार, अगर प्रकृति से उन्हें शानदार स्तनों का उपहार न मिला हो, तो लड़कियाँ वांछित आकार प्राप्त करने की कोशिश करती हैं। अब स्तनों का आकार बढ़ाने के कई उपाय प्रचलित हैं, नीचे पहनने वाले विशेष कपड़ों से लेकर फाइटोएस्ट्रोजेन के साथ क्रीमों तक। बहुत सी महिलाएँ स्तनों का आकार बढ़ाने या उनका आकार बदलने के लिए ऑपरेशन भी करवाती हैं।

वास्तव में विभिन्न पुरुषों को विभिन्न तरह के स्तन पसंद आते हैं। कोई अपनी साथिन के शानदार आकार वाले स्तनों के सपने देखता है, और कोई स्तन के आकार को कोई महत्व नहीं देता है।

स्त्रियाँ प्रकृति की (या प्लास्टिक सर्जन द्वारा दी गई) सौगात के भरपूर उपयोग से हिचकिचाती नहीं हैं। स्तन एक बहुत ही संवेदनशील कामोत्तेजक अंग है। कुछ महिलाएँ केवल स्तनाग्र को उत्तेजित करने से, जननांगों को छुए बिना भी कामोन्माद महसूस कर लेती हैं। स्वाभाविक है कि पुरुषों का ध्यान इस तथ्य से नहीं बच सकता।

स्त्रियों के स्तनों के साथ बहुत संभाल कर और सावधानी के साथ पेश आना चाहिए। उन्हें चूम सकते हैं, सहला सकते हैं और मसल भी सकते हैं, पर कठोरता से नहीं। मासिक चक्र के आखिर में स्त्रियों के स्तन बहुत संवेदनशील हो जाता है। इस दौरान खास तौर पर सावधान रहने की ज़रूरत है, जिससे स्त्री को तकलीफ़ न हो।

वास्तव में, यह इतना महत्वपूर्ण नहीं है कि पुरुषों को स्त्रियों के स्तन इतने पसंद क्यों हैं। पसंद हैं – और बस। प्रकृति ने हमारे मानव शरीरों को अद्भुत बनाया है और उसकी सभी संभावनाओं का उपयोग करना हमारे हित में है।

DR. RAJESH CHOWBEY

Admin, Urologist.