इरेक्टाइल डिसफंक्शन या स्तंभन दोष के कारण अपनी पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पा रहा हूँ (आज का सेक्स प्रश्न)

 

पिछले कुछ दिनों से मैंने महसूस किया है कि हस्तमैथुन करने पर भी मेरा लिंग ठीक से खड़ा नहीं होता। मैंने पहले तो इस पर ध्यान नहीं दिया और सोचा कि दिमागी टेंशन के कारण हो रहा होगा। लेकिन एक दिन अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स करते समय मेरे होश उड़ गए। मैंने पाया कि उसे बहुत तेज सेक्स की भूख थी लेकिन मैं उसे संतुष्ट नहीं कर पाया। मैं पूरी तरह स्वस्थ हूँ और यह समस्या हाल ही में शुरू हुई है। हमारी जल्दी शादी होने वाली है और मुझे डर लगता है कहीं वो मुझे छोड़ न दे। क्या इस समस्या का कोई स्थायी इलाज है?

 

इस सवाल का जबाब दे रहे हैं सेक्सुयल हैल्थ फिजीशियन और मेडिकल सेक्स थेरेपिस्ट डॉ विजयसारथी रामंथन

पहली बार या नई सेक्स पार्टनर के साथ सेक्स करते समय हर पुरुष को अपने प्रदर्शन को लेकर चिंता होना स्वाभाविक होता है। उसके छोड़ कर चले जाने के डर से आप और चिंतित हो जाते हैं जिससे आपको स्तंभन में और समस्याएँ होती हैं। यह ठीक उसी तरह है जैसे किसी मोटर-साइकल चलाने वाले को अचानक मंहगी तेज कार चलाने के लिए कह दिया जाए। सेक्स से कई लोगों को काफी चिंता हो सकती है और इसलिए आपको आराम से और ठंडे दिमाग से काम लेना चाहिए। आप योग्य स्वास्थ्य-कर्मियों (सेक्सोलॉजिस्ट या सेक्स थेरेपिस्ट) से मश्वरा कर सकते हैं जो आपको उचित सलाह देंगे ताकि आप अपनी चिंताओं से मुक्ति पा सकें। (पढ़ें: इरेक्टाइल डिसफंक्शन – कारण और लक्षण)

डॉ रामंथन भारत से अपनी डॉक्टरी की स्नातक शिक्षा पूरी करने के बाद 2005 में ऑस्ट्रेलिया चले गए थे। तब से उन्होने तीन स्नातकोत्तर योग्यताएँ हासिल कर ली हैं – एममेड-सेक्सहेल्थ, ग्रैडडिप-हैल्थसाइंस और यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी से पीएचडी जो सबसे पुराने संस्थानों में से एक है। इन्होने भारतीय पुरुषों की सेक्सुयालिटी (कामुकता) और सेक्स स्वास्थ्य पर पाँच साल व्यतीत किए हैं (ऑस्ट्रेलिया में)। ये -2009 से अपनी साइट एसएसएस सेंटर फॉर सेक्सुयल हैल्थ से हैल्थ ई-कंसल्टेशन दे रहे हैं और कम्यूनिटी आधारित सर्वे भी आयोजित करते हैं। इन्होने दूसरे सेक्स स्वास्थ्य प्रोफेशनल्स के साथ अच्छी पार्टनरशिप विकसित कर ली है और सेक्स स्वास्थ्य के बारे में अज्ञानता को दूर करने के लिए कई एनजीओ और मीडिया के साथ भी कार्यरत रहे हैं। इन्होने हैल्थ कोचिंग, कोग्निटिव बिहेवियर और कौंसेलिंग में खास ट्रेनिंग की है। भारतीय कामुकता की इनकी समझ को काफी सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है और इन्होने 2012 में प्रकाशित ‘द कल्चरल कांटेक्स्ट ऑफ सेक्सुयल प्लेज़र एंड प्रोब्लम्स’ शीर्षक की एक पाठ्य-पुस्तिका में इस बारे में एक अध्याय भी लिखा है। ये यूथ इनिशिएटिव, वर्ल्ड असोशिएशन फॉर सेक्सुयल हैल्थ में भारत और एशिया पैसिफिक क्षेत्र के वर्तमान प्रतिनिधि हैं।

Read next:   लिंगोत्थान संबंधी दुष्क्रिया (गड़बड़ी): सर्वाधिक जोखिम किस आयु वर्ग को है?

FREE Fast Shipping offer for our readers:

  • पहले और दूसरे सप्ताह में:
    कड़ापन लम्बे समय के लिए कठोर बन जाता है, लिंग की संवेदनशीलता २ गुना तक बढ़ जाती है. परिणाम नज़र आने लगते हैं – क्योंकि आपके लिंग का आकार १.५ सेमी. तक बढ़ चुका होता है.1
  • दूसरे और तीसरे सप्ताह में:
    पहले से आपके लिंग में आकार वृद्धि दर्शित होने लगती है, यह संरचनात्मक रूप से एकदम सटीक बन जाता है. सम्भोग का समय ७०% तक बढ़ जाता है!2
  • चौथे सप्ताह में और उससे आगे:
    लिंग ४ सेमी. तक बढ़ जाता है! सम्भोग का आनंद पहले से और भी अच्छा हो जाता है. ओर्गेज़्म लम्बे समय के होते हैं जो कि ५-७ मिनट तक चलते हैं!

You might also likeMore from author

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.